खुले बाजार से बिजली खरीदेगा बिहार

बीएस संवाददाता | पटना Apr 27, 2018 09:56 PM IST

बिहार सरकार ने एनटीपीसी की महंगी बिजली को छोड़ खुले बाजार से बिजली खरीदने का फैसला लिया है। राज्य सरकार के मुताबिक इससे बिहार के करोड़ों रुपये की बचत होगी। आने वाले समय में बिहार सरकार खुले बाजार से करीब 2,500 मेगावॉट बिजली खरीद सकती है।  दरअसल, एनटीपीसी की बाढ़ परियोजना के दूसरे चरण में बिहार को कुल मिलाकर 1,047 मेगावॉट बिजली आवंटित हुई है, जिसमें से राज्य सरकार ने एक तिहाई को वापस करने का फैसला किया है।  ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी की बाढ़ परियोजना से बिहार को महंगी दरों पर बिजली मिल रही है। सरकार प्रति यूनिट बिजली के लिए 4.11 रुपये का भुगतान कर रही है जबकि खुले बाजार में यह 2 से 3 रुपये प्रति यूनिट के भाव पर मिल रही है। इसीलिए बाढ़ परियोजना के दूसरे चरण में 320 मेगावॉट बिजली को वापस कर दिया है। खुले बाजार से बिजली खरीदने पर सभी खर्च मिलाकर कुल लागत 3.75 रुपये प्रति यूनिट आ रही है। इससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये की बचत होगी और लोगों को ज्यादा अच्छी सुविधा मिलेगी। गौरतलब है कि एनटीपीसी की बाढ़ परियोजना की बिजली को झारखंड, सिक्किम और ओडिशा पूरी तरह से ठुकरा चुके हैं। 
 
राज्य सरकार ने गर्मी के मौसम में बिजली की किल्लत दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर खुले बाजार से बिजली खरीदने का फैसला लिया है। ऊर्जा विभाग खुले बाजार से 2,500 मेगावॉट बिजली खरीदेगा। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त राज्य में करीब 3,300-3,500 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति हो रही है। इसमें से 2,000-2,100 मेगावॉट की आपूर्ति केंद्रीय पूल से हो रही है, जबकि बाकी की खरीद खुले बाजार से हो रही है। इस बार राज्य सरकार ने 4,500 मेगावॉट की आपूर्ति का लक्ष्य रखा है। इसके लिए राज्य सरकार इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) से बिजली खरीदेगी।
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