नाणार परियोजना विदर्भ स्थानांतरित करने की मांग

सुशील मिश्र | मुंबई Apr 30, 2018 09:59 PM IST

महाराष्ट्र के रत्नागिरि में पेट्रोलियम रिफाइनरी स्थापित करने की घोषणा के बाद राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार लगातार मुश्किलों में घिरती जा रही है। विपक्ष पहले से ही परियोजना की आलोचना कर रहा था और इसमें उसे राज्य सरकार में सहयोगी शिवसेना का भी साथ मिल रहा है। इतना ही नहीं, अब भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी परियोजना के विरोध में बोलने लगे हैं। विदर्भ क्षेत्र के भाजपा विधायकों का कहना है कि नाणार परियोजना उनके क्षेत्र में लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से विदर्भ क्षेत्र का विकास आगे बढ़ेगा। 
 
विदर्भ के विधायकों का कहना है कि पिछले चार साल में उनके क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये निवेश लाने की बात कही जा रही है, लेकिन यह केवल कागजों पर ही दिख रहा है। विदर्भ के विधायक आशीष देशमुख ने कहा कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों में पेट्रो-रसायन रिफाइनरी हैं, जो समुद्र के किनारे नहीं हैं। देशमुख ने कहा कि ऐसे में विदर्भ में रिफाइनरी स्थानांतरित करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। देशमुख ने कहा कि 19 मार्च 2018 को मुंबई में विधानमंडल के अधिवेशन में भी यह मांग उठाई गई थी। उस समय देसाई ने कहा था कि जरूरत पडऩे पर नाणार परियोजना विदर्भ में स्थानांतरित की जानी चहिए।  रत्नागिरि के लोग पहले ही इस परियोजना के विरोध में हैं। नाणार संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक वालम ने कहा कि परियोजना से 17 गांव विस्थापित होने हैं। 
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