करछना परियोजना निजी हाथों में सौंपने का विरोध

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 02, 2018 09:50 PM IST

उत्तर प्रदेश में करछना बिजली परियोजना निजी हाथों में सौंपने का विरोध फिर शुरू हो गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने लंबे समय से अटकी 1,320 मेगावॉट क्षमता वाली यह परियोजना सरकारी क्षेत्र के उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम से लेकर दोबारा निजी क्षेत्र को देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।  करछना ताप विद्युत परियोजना राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में शुरू की गई थी, जिसे कुछ बाधाओं के बाद उत्पादन निगम के हवाले कर दिया गया था। 2008 में यह परियोजना जे पी पावर को दी गई थी, जिसने इसके लिए संगम पावर नाम से एक कंपनी बनाई थी। बाद में यह परियोजना उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम को फिर सौंप दी गई थी। 
 
बिजली कर्मचारियों के संगठन विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से यह परियोजना निजी क्षेत्र को देने के निर्णय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पुनर्विचार करने की मांग की। समिति का कहना है कि अगर यह परियोजना उत्पादन निगम को 2008 में दे दी गई होती तो 2012 में इसका काम पूरा हो गया होता। समिति के नेता शैलेंद्र दुबे ने दावा किया कि निजी क्षेत्र से महंगी बिजली मिलेगी, जिससे आम लोगों पर असर पड़ेगा। समिति ने कहा कि निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो समिति आंदोलन करने पर बाध्य होगी और इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। 
 
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