सब्सिडी से अधिक की दरकार

बीएस संवाददाता | पटना May 03, 2018 09:44 PM IST

बिहार  की चीनी मिलों ने केंद्र सरकार की सब्सिडी योजना का स्वागत तो किया है, लेकिन चीनी की गिरती कीमत के मद्देनजर इसे नाकाफी बताया है। उनके मुताबिक राज्य की चीनी मिलों को प्रति क्विंटल 1,200 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। ऐसे में उन्हें और अधिक सरकारी मदद की उम्मीद है।   केंद्र सरकार ने बुधवार को गन्ना किसानों के लिए 1,540 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया। इसके तहत प्रत्येक किसान को 5.5 रुपये प्रति क्विंटल या 55 रुपये प्रति टन के हिसाब से सब्सिडी मिलेगी। चीनी की गिरती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह ऐलान किया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इससे गन्ना किसानों को राहत मिलेगी। बिहार की चीनी मिलों ने इस सब्सिडी का स्वागत किया है। हालांकि उन्हें अपेक्षा इससे ज्यादा की है। 
 
बिहार शुगर मिल्स एसोसिएशन के सचिव नरेश भट्ट ने कहा, 'हम इस घोषणा का स्वागत करते हैं। इससे थोड़ी बहुत राहत तो मिलेगी लेकिन हमें और मदद की जरूरत है। बिहार में चीनी की कीमत करीब 2,700 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि हमारी लागत 3,700 से 3,800 रुपये प्रति क्विंटल बैठती है। इस तरह से हमें प्रति क्विंटल 1,200 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। इस हिसाब से हमें करीब 780 करोड़ रुपये के घाटे की आशंका है।' मिल मालिकों ने इस बारे में राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने राज्य की चीनी मिलों को प्रति क्विटंल गन्ने पर कम से कम 50 रुपये की सब्सिडी देने की मांग की है। मिल मालिकों ने कहा, 'इस बारे में हमने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी अनुरोध किया है। इससे हमारे पूरे घाटे की प्रतिपूर्ति तो नहीं होगी, लेकिन इससे गन्ना किसानों का बकाया चुकता करने में हमेंजरूर मदद मिलेगी।'
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