कंपनियां करे बीमा का भुगतान

आर कृष्णा दास | रायपुर May 03, 2018 09:45 PM IST

छत्तीसगढ़ सरकार ने रिलायंस और इफ्को बीमा कंपनियों को 2017-18 के खरीफ सत्र के दौरान बर्बाद हुई फसलों के लिए किसानों को बीमे का तुरंत भुगतान करने को कहा है। इन दो कंपनियों ने किसानों के 353 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान नहीं किया है।  इन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई ) के तहत 2017-18 के खरीफ सत्र के लिए फसल बीमा कराया था। इस मुद्दे पर दोनों कंपनियों की राय जानने के लिए उनसे संपर्क नहीं हो पाया।  सरकार के अधिकारियों के मुताबिक राज्य के 27 जिलों के 1294189 किसानों ने पीएमएफबीवाई के तहत अपनी फसल का बीमा कराया था। कम बारिश और दूसरे कारणों से 2,50,000 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। राज्य की आधी से अधिक तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। राज्य सरकार ने 149 तहसीलों में से 21 जिलों की 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया। 

 
प्रभावित किसानों ने 353 करोड़ रुपये का दावा किया था और राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों को जल्दी से जल्दी इसका भुगतान करने को कहा था ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।  राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा, 'बीमा कंपनियों ने हमें आश्वासन दिया था कि किसानों के दावे 31 मार्च तक निपटा दिए जाएंगे, लेकिन वे इसमें नाकाम रहीं।' इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव अजय सिंह ने आज स्थिति की समीक्षा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। प्रवक्ता ने कहा, 'मुख्य सचिव ने दोनों बीमा कंपनियों को 10 मई तक किसानों के दावों का भुगतान करने को कहा है।' विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अगर बीमा कंपनियां 10 मई तक किसानों के बीमे का भुगतान करने में नाकाम रहती हैं तो उनके अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। 
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