महाराष्ट्र में मराठा समुदाय ने फिर छेड़ा आरक्षण का राग

सुशील मिश्र | मुंबई May 04, 2018 09:46 PM IST

मराठा समुदाय एक बार फिर आरक्षण के मुद्दे पर सड़कों पर उतरने की तैयारी में जुट गया है। इस बीच, राज्य सरकार ने उन्हें समझाने की कोशिशें भी तेज कर दी हैं। महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि वह मराठा आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन यह मामला अभी न्यायालय में है, इसलिए फिलहाल वह इस मुद्दे पर कुछ नहीं कर सकती है।  राज्य सरकार ने बिना आरक्षण के मराठा समुदाय को कुछ सुविधाएं देने की योजना तैयार की है। इनके तहत राज्य सरकार कम आय वाले मराठा परिवारों की छात्राओं की आधी फीस भरेगी और रोजगार के लिए ब्याज मुक्त कर्ज मुहैया कराया जाएगा। मराठा क्रांति मोर्चा के नेताओं ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा था कि सरकार मराठा समुदाय के धैर्य की परीक्षा ले रही है। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से 20 मांगों की सूची रखी गई है और इन पर रुख स्पष्टï करने के लिए राज्य सरकार को 18 मई तक का समय दिया गया है। हालांकि राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि उनकी ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। 
 
पाटिल ने दावा कि मराठा समुदाय के अधिकांश लोग सरकार के प्रयासों से खुश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मराठा समाज को राज्य सरकार के खिलाफ भड़का रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मराठा समाज के युवाओं को उद्योग लगाने के लिए एफपीओ कर्ज योजना के तहत व्यक्तिगत स्तर पर 10 लाख रुपये और सामूहिक तौर पर 50 लाख रुपये ब्याज  मुक्त कर्ज देगी। मराठा क्रांति मोर्चा के विनोद पाटिल ने कहा कि उन्होंने सरकार को चेतावनी नहीं दी है, बल्कि अंतिम अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार जितनी योजनाएं बता रही है, उनमें एक जमीन पर नजर नहीं आ रही है। 
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