मध्य प्रदेश में चार गुना बढ़ा रखरखाव शुल्क

भाषा | इंदौर May 04, 2018 09:46 PM IST

मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों में वसूले जाने वाले रखरखाव शुल्क में करीब चार गुना इजाफा हो गया है। इसके खिलाफ आज राज्य भर में छोटे उद्योगपति लामबंद होकर सड़कों पर उतार आए। उन्होंने चुनावी साल में विरोध प्रदर्शन तेज करते हुए प्रदेश सरकार से इस शुल्क वृद्धि को फौरन वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश (एआईएमपी) और लघु उद्योग भारती के आह्वान पर किए गए। ये संगठन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की राज्य की 6,000 से ज्यादा इकाइयों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं। एआईएमपी के अध्यक्ष आलोक दवे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला उद्योग केंद्रों (डीआईसी) के तहत आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में इकाइयों से वसूले जाने वाले रख-रखाव शुल्क को 2.4 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 10 रुपये वर्ग मीटर कर दिया है। इस शुल्क वृद्धि के पीछे वर्ष 2015 के एक आदेश का हवाला दिया जा रहा है। 

 
उन्होंने आरोप लगाया कि डीआईसी के अधिकारी उद्योगपतियों पर दबाव बना रहे हैं कि वे पिछले तीन वित्त वर्षों-2015-16, 2016-17 और 2017-18 का रखरखाव शुल्क न केवल बढ़ी दरों के आधार पर जमा करें, बल्कि इसके साथ ही तय जुर्माने और ब्याज की रकम भी अदा करें।  दवे ने कहा, 'रखरखाव  शुल्क में अचानक की गई शुल्क वृद्धि सरासर अनुचित है और छोटे उद्योग इसका भारी बोझ उठाने में सक्षम नहीं हैं। लिहाजा राज्य सरकार को यह शुल्क वृद्धि तत्काल वापस लेनी चाहिए।' उन्होंने बताया कि रख-रखाव शुल्क वृद्धि के खिलाफ इंदौर के साथ धार, देवास, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, कटनी, उज्जैन और अन्य जिलों में उद्योगपतियों ने विरोध प्रदर्शन किए।
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