वितरण घाटा कम करेगा ऊर्जा विभाग

बीएस संवाददाता | पटना May 07, 2018 09:39 PM IST

बिहार सरकार ने बिजली के मामले में पारेषण और वितरण घाटे में भारी कटौती का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा विभाग ने अगले वर्ष मार्च तक राज्य में पारेषण एवं वितरण घाटा 20 से 25 फीसदी तक सीमित करने की बात कही है।  इस वक्त बिहार का पारेषण एवं वितरण घाटा करीब 35 फीसदी है। पिछले साल की तुलना में इसमें काफी सुधार हुआ है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष की शुरुआत तक बिहार का पारेषण एवं वितरण घाटा करीब 42 प्रतिशत था। हालांकि इसमें पिछले कुछ महीनों में काफी सुधार हुआ है। 
 
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा, 'हमने इस पर काफी काम किया है। पुरानी तारें बदली हैं। नए सिरे से पारेषण का बुनियादी ढांचा तैयार किया है। इसके तहत राज्य में 3 लाख सर्किट किमी से ज्यादा तार बिछाए गए हैं। नए ग्रिड और सब-स्टेशन तैयार किए गए हैं। नए मीटर लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इस वजह से हमें पारेषण और वितरण घाटा कम करने में मदद मिली है। अगले साल तक इस घाटे को 20 से 25 प्रतिशत तक सीमित करने का लक्ष्य है।' यह लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष में करीब 3,000 किमी पुरानी और जर्जर तारें बदलेगी, जिस पर करीब 3,100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस बारे में प्रथम दौर की निविदा भी हो चुकी है, जिसमें करीब 200 कंपनियों ने हिस्सा लिया है। साल के अंत तक सभी बिजली उपभोक्ताओं को मीटर से जोडऩे का भी लक्ष्य रखा गया है।अगर राज्य सरकार इस लक्ष्य को हासिल कर लेगी, तो भी वह राष्ट्रीय औसत से पीछे रहेगी। इस वक्त राष्ट्रीय औसत करीब 21 फीसदी का है, जिसे इस साल के अंत तक केंद्र सरकार ने 10 प्रतिशत तक करने का इरादा किया है।
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