चीनी मिल सौदे में मायावती पर शिकंजा

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 07, 2018 09:40 PM IST

उत्तर प्रदेश में 21 सरकारी चीनी मिलें बेचने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती पर सीबीआई का शिकंजा कसने लगा है। उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश की 21 चीनी मिलों के बिकने के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। योगी सरकार ने मिलों की बिक्री से प्रदेश सरकार को 1,179 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश  की थी। बसपा से निकाले गए और मायावती सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने चीनी मिलों के सौदे पर सवाल खड़े किए थे। 
 
2007 से 2012 के दौरान मुख्यमंत्री रहीं मायावती और उनके करीबी कहे जाने वाले सतीश चंद्र मिश्रा के इशारे पर यह सौदा किए जाने का आरोप भी उन्होंने लगाया था।  हालांकि मायावती ने इन आरोपों पर सफ ाई पेश करते हुए कहा था कि चीनी मिलों के लिए जो आदेश हुए थे, उस पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी के दस्तखत थे जो उस समय गन्ना विकास मंत्री थे। गौरतलब है कि बसपा सरकार में 21 चीनी मिलों को बेचा गया था। इनमें से 10 मिलें उस दौरान बाकायदा चल रही थीं। आरोप है कि इन मिलों को बाजार कीमतों से बहुत कम दाम पर बेचा गया। ये मिलें औसतन 500 हेक्टेयर जमीन पर बनी थीं, जिसकी कीमत 2,000 करोड़ रुपये थी। इस सौदे की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाई गईं बोगस कंपनियों को 21 चीनी मिलें बेंची गईं। इनमें देवरिया, बरेली, हरदोई, चित्तौनी, लक्ष्मीगंज, रामकोला और बाराबंकी की बंद पड़ी मिलें भी शामिल थीं। प्रदेश सरकार ने इसे लेकर एक अधिसूचना जारी की थी। इस सौदे में प्रदेश से बाहर के लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई गई।
 
प्रमुख सचिव (गृह) के मुताबिक नीलाम की गईं चीनी मिलों में तमाम गड़बडिय़ां पाई गई थीं। इन गड़बडिय़ों को देखते हुए सीबीआई को जांच सौंपी गई है। सीबीआई के जांच शुरू करते ही मायावती और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी किसी भी वक्त दर्ज की जा सकती है।
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