पंजाब में अनधिकृत निर्माण नियमित करने को मंजूरी

एजेंसियां | चंडीगढ़ May 08, 2018 09:34 PM IST

पंजाब में अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण को देखते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने 31 मार्च तक बने सभी अनधिकृत निर्माण नियमित करने के लिए अध्यादेश मसौदे को मंजूरी दे दी है।  सरकार के प्रवक्ता के अनुसार पंजाब एकमुश्त स्वैच्छिक खुलासा और उल्लंघन निपटान बिल्डिंग अध्यादेश -2018 का लक्ष्य जनता के व्यापक हित में अनधिकृत निर्माण को नियमित करना है। हालांकि वे अनधिकृत निर्माण ही नियमित किए जाएंगे, जो आग से बचाव, पार्किंग और सुरक्षा के निर्धारित मानक पूरा करते हैं। 
 
मंत्रिमंडल ने पाया कि ऐसे निर्माण पिछले कई वर्षों में किए गए है, इसलिए अब इतने व्यापक स्तर पर उन्हें तोडऩा व्यावहारिक नहीं होगा। यही वजह है कि उन्हें नियमित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की। प्रवक्ता ने कहा कि इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति कंपाउंडिंग के उल्लंघन का दोषी है तो उसे इसका स्वैच्छिक खुलासा करना होगा और इमारत की तस्वीर के साथ उसे नियमित करने के लिए उपयुक्त प्राधिकरण के पास एक महीने के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद आवेदक को अगले दो महीने में जरूरी जानकारियां, दस्तावेज, नक्शा आदि मुहैया कराकर निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा।
 
अगर बिल्डिंग के मालिक अनधिकृत निर्माण के लिए निपटान की खातिर आवेदन नहीं करते हैं तो उक्त बिल्डिंग का पानी और सीवेज कनेक्शन काट दिए जाएंगे और सीलिंग करने तथा उसे तोडऩे का नोटिस दिया जाएगा। एक अन्य फैसले में मंत्रिमंंडल ने पंजाब नगरपालिका बुनियादी ढांचा विकास कोष (पीएमआईडीएफ) अधिनियम - 2011 की वैधता में संशोधन कर उसकी समय सीमा 2037-38 कर दी है।
कीवर्ड panjab, अतिक्रमण,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक