मराठा आरक्षण पर आयोग जल्द सौंपेगा रिपोर्ट

सुशील मिश्र | मुंबई May 09, 2018 10:03 PM IST

आगामी चुनाव में मराठा आरक्षण बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। राज्य में मराठा आरक्षण की आग एक बार फिर जोर पकडऩे लगी है। सरकार इस आग को शांत करने की कोशिश करने में लगी है। मराठा समाज ने सरकार को अपना रुख  स्पष्ट करने के लिए 18 मई तक का समय दिया है। महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठा आरक्षण मुद्दे पर जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। फिलहाल मराठा आरक्षण का मामला अदालत में विचारधीन है।  आरक्षण मुद्दे पर महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग जन सुनवाई कर रहा है। जन सुनवाई के द्वारा आयोग मराठा समाज की मांगे, समस्या, आर्थिक और सामाजिक स्थिति का आकलन करने की कोशिश कर रहा है। पैनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एमजी गायकवाड़ ने बताया कि आयोग मराठा समुदाय में आर्थिक पिछड़ापन का आकलन कर रहा है और यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि सर्वे पर आधारित रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंप दी जाएगी। गायकवाड़ ने बताया कि सभी जिले के पांच गांवों से लिए गए नमूनों और सरकार के पास उपलब्ध समुदाय के आंकड़ों पर सर्वे किया गया है। मराठवाड़ा क्षेत्र और नागपुर, अमरावती, अहमदनगर और सोलापुर जिलों में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में सर्वे का काम किया जा रहा है। 
 
राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय बड़े पैमाने पर कृषि कार्य में संलग्न है और वे ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के तहत शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। पूर्व में कई मराठा संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए पूरे राज्य में मूक मार्च का आयोजन किया था। पिछले सप्ताह मराठा क्रांति मोर्चा के नेताओं ने सरकार से मुलाकात करने के बाद कहा था कि सरकार मराठा समुदाय के धैर्य की परीक्षा ले रही है, सरकार कहती है कि हमने समाज के लिए कई योजनाएं तैयार की है लेकिन सरकार की एक भी योजना अब तक क्रियान्वित नहीं हुई है। हमने सरकार के सामने 20 मांगों की सूची रखी है और सरकार को 18 मई तक अपना रुख स्पष्ट करने का समय दिया है। मराठा समुदाय के लोग पूरे राज्य में आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में जुट गए हैं जिनको विपक्षी दल समर्थन भी दे रहे हैं जिससे सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है।
 
महाराष्ट्र सरकार कहती है कि वह मराठा आरक्षण के पक्ष में है लेकिन मामला अदालत में है इसलिए अदातली फैसले का इंतजार किया जा रहा है। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि सरकार आरक्षण को छोड़कर मराठा समाज की ज्यादातर मांगे पहले ही मान चुकी है।  मराठा समाज के अधिकांश लोग सरकार के प्रयासों से खुश हैं। मराठा समाज को आरक्षण मिले इसके हम पक्ष में हैं लेकिन यह मामला अदालत मेंं हैं और सरकार मराठा आरक्षण की लड़ाई लड़ रही है। इसके बावजूद कुछ लोग मराठा समाज को सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास खुफियां विभाग की पूरी जानकारी है कि आंदोलन के लिए कौन लोग पैसा मुहैया करा रहे हैं और महाराष्ट्र को अशांत करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वे लोग सफल होने वाले नहीं हैं क्योंकि समाज के लोग सरकार की बातों से सहमत हैं। 
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