भुजबल पर महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज

सुशील मिश्र | मुंबई May 10, 2018 10:23 PM IST

धनशोधन मामले में जमानत पर पर चल रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को अस्पताल से छुट्टी मिलने के साथ ही महाराष्ट्र में सियासी पारा गरम हो गया है। राजनीतिक गलियारों में भुजबल के अगले राजनीतिक सफर पर अटकलबाजी तेज हो गई है। राकांपा भुजबल को जल्द ही राजनीतिक समर में उतारने की तैयारी में जुट गई है, वहीं भुजबल परिवार का अचानक 'मातोश्री' प्रेम भी जाग गया है। 

महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले भुजबल खुद पर आरोप को राजनीतिक साजिश बताते हैं। उनके बेटे पंकज भुजबल ने बुधवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके घर 'मातोश्री' जाकर मुलाकात की थी। इस मुलाकात से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि इसे राजनीति से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए। शिवसेना के नरम रुख पर वह कहते हैं कि जब वह गृह मंत्री थे तो बाला साहेब को जेल भेजने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी, जिसका फल उन्हें मिल गया है। हमारी उनसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। 

भुजबल ने अपना राजनीतिक करियर शिवसेना के साथ शुरू किया था और वह पार्टी में दो दशक से अधिक समय तक रहे। 1991 में कांग्रेस में वह शामिल हो गए और फिर राकांपा में चले गए। भुजबल को जमानत मिलने की खुशी पर राकांपा 10 जून को पुणे में एक विशाल रैली करने का फैसला किया है। इसमें भाग लेने की संभावना के बारे में भुजबल का कहना है कि यदि मैंने स्वस्थ महसूस किया तो पुणे जाऊंगा और कार्यक्रम में भाग लूंगा। उनकी पार्टी के लगभग सभी बड़े नेता उनके संपर्क में हैं।
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