गन्ना माफि या के खिलाफ 28 प्राथमिकी दर्ज

वीरेंद्र सिंह रावत | लखनऊ May 11, 2018 09:35 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना माफिया पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी के तहत राज्य सरकार ने मौजूदा पेराई सत्र में ऐसे लोगों के खिलाफ 28 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।  गन्ना माफिया उन बिचौलियों को कहा जाता है जो गन्ना समितियों के साथ किसान के रूप में पंजीकृत होते हैं। पेराई सत्र के दौरान ये लोग गन्ना किसानों को तत्काल भुगतान कर सस्ती दर पर गन्ना खरीदते हैं और बाद में इसे सरकार द्वारा तय राज्य समर्थित मूल्य पर बेचते हैं। ऐसा करने से उन्हें तगड़ा मुनाफा होता है। 

 
राज्य के गन्ना विभाग ने गन्ना माफिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा  क्रय केंद्रों पर गन्ना कम तौलने के आरोप में 15 मामले दर्ज किए हैं। इस तरह, कुल मिलाकर मौजूदा पेराई सत्र में विभाग ने अब तक 43 प्राथमिकी दर्ज की हैं। राज्य गन्ना आयाुक्त संजय भूसरेड्डïी के अनुसार पिछले साल पेराई सत्र के अंत में गन्ना खरीद प्रक्रिया से बिचौलियों को दरकिनार करने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक अभियान चलाया था। उत्तर प्रदेश देश में चीनी एवं गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। 
 
विशेष निगरानी दलों ने विभिन्न क्रय केंद्रों पर करीब 19,800 निरीक्षण किए हैं। इन दलों ने अनियमितताओं के 1,500 मामले पकड़े और बाद में कुल 43 प्राथमिकी दर्ज की। विभाग ने ऐसे मामलों में कथित संलिप्तता के कारण वजन तौलने वाले 171 सहायकों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। विभाग ने अवैध रूप से खरीदा गया 600 टन गन्ना भी जब्त कर लिया है।  केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। इस लिहाज से गन्ना क्षेत्र खासा महत्त्वपूर्ण है।
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