बायोगैस, बायो संयंत्र के लिए पंजाब ने किया समझौता

भाषा | चंडीगढ़ May 11, 2018 09:36 PM IST

पंजाब सरकार ने आज प्रदेश में बायोगैस और बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए ब्रिटेन के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। राज्य के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और ब्रिटिश उच्चायोग के उप उच्चायुक्त एंड्र्यू आयरे की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता धान की पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के प्रयासों के तहत किया गया है, जो पर्यावरण संबंधी चिंता का सबब बन गया है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने ब्योरा देते हुए कहा कि यह समझौता पंजाब औद्योगिक संवद्र्धन ब्यूरो(पीबीआईपी) और पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पीईडीए) द्वारा ब्रिटेन की रीका बायोफ्यूल्स डेवलपमेंट लिमिटेड के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि ये संयंत्र एक नए पेटेंट किए गए एरोबिक डायजेस्टर अवधारणा और स्ट्रॉ एक्सट्रूडिंग तकनीक पर आधारित होंगे।  रीका की 10 से 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर के कुल निवेश के साथ 10 बायो सीएनजी संयंत्र बनाने की योजना है, जो परिचालन और आपूर्ति शृंखला में 1,000 नौकरियां सृजित करेंगे। 2019 में पहला संयंत्र चालू करने का लक्ष्य है। 
 
रीका के निदेशक ग्रेगरी क्रिपिकोव्स ने कहा, 'हम पंजाब सरकार के साथ काम करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं। धान की भूसी जलाने से होने वाली पर्यावरणीय समस्याओं को हल करने में पंजाब और भारत को मदद करने के साथ हम इन परियोजनाओं को विकसित करने की ओर ध्यान दे रहे हैं।'
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