पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का काम जुलाई से

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 13, 2018 09:44 PM IST

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काम अब जुलाई में शुरू हो सकेगा। इससे पहले प्रदेश की वर्तमान योगी सरकार ने यह काम अप्रैल में शुरू करने की योजना बनाई थी। फरवरी में हुए निवेशक सम्मेलन में इसका ऐलान भी किया गया था। लखनऊ से गाजीपुर तक बनने वाले इस 340 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के लिए योगी सरकार ने तकनीकी निविदाएं आमंत्रित की थीं। देश -विदेश की जानी-मानी 12 निर्माण कंपनियों ने तकनीकी निविदा में हिस्सा लिया है, जिनका परीक्षण इस माह के अंत तक पूरा होगा। 
 
तकनीकी निविदा के बाद अगले महीने इस परियोजना के लिए वित्तीय निविदा आमंत्रित की जाएंगी। एक्सप्रेसवे की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश औद्योगिक एवं एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (यूपीईडा) के अधिकारियों के मुताबिक वित्तीय निविदा पर अंतिम फैसला होने के बाद जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करने के बाद तत्कालीन अखिलेश सरकार ने 2016 में लखनऊ से गाजीपुर तक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि बीते साल मार्च में प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की निविदाओं को रद्द करते हुए पहले जमीन अधिग्रहण का काम पूरा करते हुए नए सिरे से निविदाएं मंगाने का फैसला किया था। पूर्ववर्ती सरकार की मूल परियोजना में बदलाव करते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के साथ तीर्थ स्थलों अयोध्या, वाराणसी व गोरखपुर को जोड़ दिया गया है।
 
अब एक साल के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए 80 फीसदी जमीन अधिग्रहण का काम पूरा किया जा चुका है और इसके लिए निविदाएं मंगाई जा रही हैं। यूपीईडा अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर 11,800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जमीन अधिग्रहण पर 6,500 करोड़ रुपये बजट में आवंटित किए गए हैं जिनमें से 5,800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उनका कहना है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए करीब 90 फीसदी जमीन अधिग्रहण इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा। 
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