आंधी-तूफान से आम को नुकसान

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 14, 2018 10:10 PM IST

उत्तर प्रदेश के दो दर्जन से ज्यादा जिलों में रविवार रात आए आंधी-तूफान ने जहां 52 लोगों की जान ले ली, वहीं बड़े पैमाने पर आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश के आम उत्पादक जिलों में बीते 15 दिनों में तीसरी बार आंधी पानी के प्रकोप ने फसल को 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। रविवार रात चले तेज अंधड़ का सबसे ज्यादा असर मलिहाबादी, काकोरी और लंगड़ा, चौसा आमों के लिए मशहूर लखनऊ के फल पट्टी क्षेत्र- फैजाबाद, हरदोई, रायबरेली और सुल्तानपुर में रहा है। राजधानी लखनऊ के बागवानों का कहना है कि सीजन में ऐसा तीसरी बार हुआ है जबकि तेज आंधी और बारिश से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि अन्य आमों से पहले तैयार होने वाले दशहरी की फसल को इससे सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। लखनऊ के अलावा और कई जिलों में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने से भी आम की फसल को नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि प्रदेश में रविवार रात आए आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने से 31 जिलों में 52 लोगों की मौत, 131 घायल होने की सूचना मिली है। इसके अलावा 89 पशुओं की भी मौत हुई है। राज्य के 10 जिलों में 73 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना प्राप्त हुई है। दैवीय आपदा से हुई इस क्षति के चलते हुई मौतों को देखते हुए प्र्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की दर से 2 करोड़ रुपये, घायलों को 1.02 लाख रुपये और पशुहानि के लिए 9.18 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी है।
 
सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन तेजी से किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को संबंधित जिलों द्वारा तत्काल सहायता पहुंचाई जा रही है। आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए अब तक 1.92 लाख रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है।  राहत आयुक्त ने बताया कि गत दिनों आई आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली से प्रभावित जनपदों में कासगंज, इटावा, कन्नौज, बुलंदशहर, संभल, अलीगढ़, औरैया, कानपुर देहात, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर आदि शामिल हैं।
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