महाराष्ट्र में कपास की फसल के लिए नई नीति

सुशील मिश्र | मुंबई May 15, 2018 09:47 PM IST

महाराष्ट्र सरकार ने कपास की फसल के लिए  विशेष रणनीति तैयार की है। पिछले साल राज्य में एक तिहाई कपास की  फसल रोगग्रस्त हो गई थी, जिसके मद्देनजर राज्य सरकार ने यह रणनीति तैयार की है। इस नीति के प्रभाव में आने के बाद बाजार में उन्हीं कंपनियों के बीजों की बिक्री हो सकेगी, जिन्हें राज्य सरकार की अनुमति प्राप्त होगी।   गोदाम से निकलने से पहले बीजों की पूरी जांच होगी। इस खरीफ सत्र में कपास बुआई के लिए राज्य में 42 कंपनियों के जरिये 2 करोड़ बीज के पैकेट बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के लिए विशेष जांच दस्ते भी तैयार किए गए हैं। 
 
कृषि विभाग के अधिकारियों की लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। महाराष्ट्र के कृषि राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत के मुताबिक राज्य में कपास का सामान्य रकबा 41 लाख हेक्टेयर है। उन्होंने कहा कि इस खरीफ सत्र में 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुआई होने का  अनुमान है।  खोत ने कहा कि 1 करोड़ 60 लाख बीज पैकेट की आवश्यकता है, जबकि इस साल 2.54 करोड़ पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने इस सत्र में 376 प्रकार के बीज बेचने की अनुमति दी है, जबकि 26 बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने किसानों से सरकार द्वारा अधिकृत बीज ही खरीदने की अपील की है। राज्य का कृषि विभाग बाजार में नकली और अनधिकृत बीजों की बिक्री पर रोक लगाने के साथ इनकी बरामदगी के लिए छापेमारी की मुहिम चलाने की योजना भी बना रहा है। बीज कंपनियों को 15 मई से बीजों की बिक्री करने का निर्देश दिया गया है। खोत ने कहा कि सरकार कपास किसानों और उनकी फसल बचाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, इसलिए मॉनसून सक्रिय होने के बाद फसल की बुआई करने की सलाह दी जा रही है। 
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