आर-पावर ने तिलैया यूएमपीपी में बेची पूरी हिस्सेदारी

श्रेया जय | नई दिल्ली May 17, 2018 09:40 PM IST

रिलायंस पावर (आर-पावर) ने झारखंड इंटीग्रेटेड पावर में अपनी सारी हिस्सेदारी झारखंड ऊर्जा विकास निगम को 112.64 करोड़ रुपये में बेच दी है। रिलायंस पावर ने 4,000 मेगावॉट क्षमता की अल्ट्रा मेगा बिजली परियोजना (यूएमपीपी) 1.77 रुपये प्रति यूनिट की न्यूनतम बोली लगाकर 2009 में हासिल की थी।  इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए झारखंड इंटीग्रेटेड पावर नाम से विशेष उद्देश्य कंपनी (एसपीवी) का गठन किया गया था, लेकिन आर-पावर ने अब इस कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। इससे देश में केवल दो मेगा बिजली परियोजनाएं निजी क्षेत्र में रह गई हैं, जो कोयला आधारित हैं।
 
अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली आर-पावर जमीन अधिग्रहण में देरी का हवाला देकर 2015 में ही इस परियोजना से निकल गई है। झारखंड इंटीग्रेटेड पावर ने तिलैया मेगा बिजली परियोजना के लिए किए गए बिजली खरीद समझौता करने के बाद भी इसे निलंबित कर दिया था। यह समझौता 10 राज्यों की 18 बिजली कंपनियों से 25 साल के लिए किया गया था। स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी सूचना में आर-पावर ने कहा, 'कंपनी ने झारखंड इंटीग्रेटेड पावर में अपनी पूरी हिस्सेदारी 112.64 करोड़ रुपये में झारखंड ऊर्जा विकास निगम को बेच दी है।'
 
समझा जाता है कि कंपनी को 10 राज्यों के साथ किए गए बिजली करार के लिए 8 अरब रुपये की बैंक गारंटी भी मिली थी। झारखंड के अलावा गुजरात, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों ने तिलैया यूएमपीपी से बिजली खरीद का करार किया था। कंपनी ने इस परियोजना पर 36,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई थी और झारखंड का नॉर्थ कर्णपुरा कोयला क्षेत्र केरंदरी कोयला क्षेत्र इस परियोजना के लिए आवंटित किया गया था। 
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