आर्थिक अपराध शाखा रोकेगी वित्तीय धोखाधड़ी

भाषा | मुंबई May 20, 2018 09:38 PM IST

वित्तीय क्षेत्र में बढ़ रहे साइबर अपराध और धोखाधड़ी रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य स्तर पर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) बनाने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में पहले से ही ईओडब्ल्यू हैं लेकिन इस तरह के अपराधों की जांच की निगरानी करने या इसमें समन्वय के लिए राज्य स्तर पर ऐसी कोई शाखा नहीं है।  महाराष्ट्र में 10 मई को जारी सरकारी प्रस्ताव में कहा गया है कि बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण, इंटरनेट के जरिये बढ़ रहे लेनदेन, निर्माण और अन्य आर्थिक क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी में कई गुना वृद्धि को देखते हुए इस तरह की राज्य स्तरीय एजेंसी की जरूरत है। इसमें यह भी बताया गया है कि ईओडब्ल्यू का नेतृत्व करने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक का एक नया पद बनाया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस का ईओडब्ल्यू स्वतंत्र रूप से कार्य करता रहेगा और यह राज्य स्तर के ईओडब्ल्यू के दायरे में नहीं आएगा।
 
देरी होने पर अनुबंध जाएगा हाथ से
 
महाराष्ट्र सरकार म्हाडा के भवन निर्माण की परियोजनाओं को वक्त पर पूरा नहीं करने वाले निजी बिल्डरों के अनुबंध खत्म करने के लिए कानून में संशोधन  की योजना बना रही है। झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास प्राधिकरण अधिनियम में देरी होने पर अनुबंध को खत्म करने का प्रावधान है। इसके तहत निजी बिल्डर झुग्गीवासियों के लिए मकान निर्माण कर सकते हैं। लेकिन महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को संचालित करने के लिए बने अधिनियम में अभी इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। प्राधिकरण के पास मुंबई में ही 104 कॉलोनियां हैं। इसका काम किफायती घर बनाना है। यह अपनी परियोजनाओं, नई इमारतों के निर्माण और पुरानी इमारतों के पुनर्विकास के लिए निजी बिल्डरों को नियुक्त करती है। आवास मामलों के मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा, 'लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए हम एसआरए अधिनियम की तर्ज पर म्हाडा अधिनियम में भी अनुबंध को समाप्त करने वाला प्रावधान लाने जा रहे हैं।'
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