भाजपा-शिवसेना ने पालघर में झोंकी ताकत

सुशील मिश्र | मुंबई May 20, 2018 09:50 PM IST

महाराष्ट्र में 28 मई को होने वाले दो लोकसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है तो शिवसेना भी भाजपा को पटखनी देने की पूरी तैयारी में है। मुंबई से सटे पालघर लोकसभा सीट दोनों दलों के नाक की लड़ाई बन चुकी है। भाजपा उत्तर भारतीय मतदाताओं के सहारे बाजी मारने की विसात बिछाई है तो शिवसेना अपने उम्मीदवार की साफ सुथरी छवि और मराठी मतदाताओं के बल पर जीत के प्रति आश्वस्त दिख रही है। पालघर लोकसभा उपचुनाव जीतकर भाजपा कर्नाटक में हुई किरकिरी को भुलाना चाह रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भाजपा नेताओं से सीधे संवाद करने के साथ खुद चुनाव प्रचार में उतर चुके हैं। महाराष्ट्र के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार में उतार दिया गया है। साथ ही मुंबई, ठाणे, रायगढ़ के कार्यकर्ताओं को पालघर चुनाव प्रचार में भेजा गया है। फडणवीस चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहते हैं कि यह सीट भाजपा की रही है और हमने विकास किया है इसील‌िए इस बार भी भाजपा की ही जीत होगी। भाजपा की नजर उत्तर भारतीय मतदाताओं पर लगी है। उत्तर भारतीयों को एक जुट करने के  लिए भाजपा मुंबई के उत्तर भारतीय नेताओं के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली से अपने नेताओं को प्रचार के लिए बुलाया है। 
 
पालघर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें से डहाणू, पालघर, बोइसर, नालासोपारा और वसई में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी मतदाता हैं। इन मतदाताओं पर भाजपा की नजर है। मुख्यमंत्री ने अपनी कोर टीम को इन मतदाताओं को साधने का निर्देश दिया है। पालघर लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 15-16 लाख के करीब है। इनमें से करीब 25 फीसदी मतदाता हिंदी भाषी हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात के लोग शामिल हैं। राजस्थानी और गुजराती मूल के मतदाता मुख्य रूप से व्यापारी हैं और उत्तर प्रदेश और बिहार के बहुसंख्य मतदाता श्रमिक वर्ग के हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा के इन परंपरागत मतदाताओं को एकजुट करने में लगे हैं। कहा जा रहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रचार के लिए आ सकते हैं। अपनी जीत को पक्की बताते हुए  मुंबई भाजपा के महामंत्री अमरजीत मिश्र कहते हैं कि उत्तर भारतीय मतदाता इस सीट पर निर्णायकसाबित होगे और ये मतदाता भाजपा के साथ हैं। शिवसेना का यहां कोई जनाधार ही नहीं है जबकि बहुजन विकास आघाड़ी के गुंडई से लोग तृस्त हैं।
 
शिवसेना को भी भाजपा की ताकत का अंदाजा है, इसलिए उसने भी यहां पूरा जोर लगा दिया है। शिवसेना को अंदाजा है कि भाजपा को अपने दिवंगत सांसद चिंतामण वनगा की उपेक्षा का खामियाजा भुगतना होगा। इसलिए शिवसेना ने चिंतामण वनगा के बेटे श्रीनिवास वनगा को अपना उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना की तरफ से पालघर उप चुनाव की जिम्मेदारी राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री एकनाथ शिंदे संभाल रहे हैं। पार्टी प्रमुख उद्ध‌व ठाकरे के पुत्र और युवा नेता आदित्य ठाकरे यहां श्रीनिवास वनगा के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उनके साथ शिवसेना के कई मंत्री भी चुनाव प्रचार में उतर चुके हैं।
कीवर्ड mumbai, BJP, shivsena,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक