महावेध से मिलेगी मौसम की सूचना

बीएस संवाददाता | मुंबई May 22, 2018 09:51 PM IST

मौसम की मार से किसानों को बचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार 2,060 स्वयंचालित मौसम केंद्रों की स्थापना की है। महावेध नाम से स्वयंचलित मौसम यंत्र के माध्यम से अब राज्य केप्रत्येक किसानों को मौसम संबंधित सटीक तथा उपयुक्त जानकारी एवं अनुमान उपलब्ध हो सकेगी और उसके अनुसार फसलों का योग्य व्यवस्थापन कैसे किया जाए एवं नुकसान से कैसे बचा जाए इसके लिए भी यह तकनीक किसानों को आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। ये मौसम केंद्र निजी सहभागिता से लगाएं गए हैं। 
 
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के प्रत्येक राजस्व मंडल में स्वयंचालित मौसम केंद्र लगाने की योजना बनाई है। इस तरह राज्य में 2,060 स्वयंचालित मौसम केंद्रों की स्थापनी की गई है। जिसके  माध्यम से गांव स्तर के किसानों को मौसम की सटीक एवं अनुमान की जानकारी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मौसम से संबंधित सटीक जानकारी और सूचना को किसानों तक पहुंचाने के उद्ïदेश्य के अनुरूप ऐसी एक व्यवस्था बनाने की संकल्पना थी। वर्तमान की मौसम विषयक यंत्रणा पूरे राज्य के मौसम की एक साथ जानकारी देने तक ही सीमित है। इससे स्थानीय स्तर पर मौसम का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं हो सकता। उदाहरण के तौर पर देखे तो जैसे किसी गांव के कुछ परिसर में बारिश हो रही है और उस गांव के समीप दूसरे गांव में मौसम खुला रहता है।
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्वयंचलित मौसम यंत्रणा से मौसम से संबंधित परिपूर्ण और सटीक जानकारी मिलेगी। मौसम की स्थिति कैसी है, इसे समय से पहले ही प्राप्त होने पर किसानों को बारिश एवं गोले गिरने का अनुमान पहले से ही मिलेगा और उसके अनुसार वह संभावित नुकसान टालने के लिए उपाय कर सकेंगे। राज्य में खेती मौसम पर आधारित है। पिछले कुछ सालों में मौसम में बढ़ते बदलाव के कारण बेमौसम बारिश, आंधी, तूफान, गोले गिरने से फसलों को क्षति पहुंचती है और इस कारण किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान का सामना करना पड़ता है। यह स्वयंचलित मौसम यंत्रणा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिये लगाई गई है। वर्तमान में राज्य में मौसम का अनुमान दर्शाने वाली 8 बड़ी कंपनियां है। इन कंपनियों के माध्यम से मौसम विषयक अनुमान एवं जानकारी दर्शाई जाती है। 
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