यूपी में खराब आबोहवा से समयपूर्व मृत्यु दर में वृद्घि

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 22, 2018 09:52 PM IST

खराब हवा के चलते उत्तर प्रदेश के सात प्रमुख शहरों में समयपूर्व मृत्यु दर में खासी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कुछ दिन पहले वायु प्रदूषण के मामले में दुनिया में सबसे अव्वल शहरों में शामिल हुए कानपुर में हर साल सबसे ज्यादा 4,173 लोगों की मौत खराब हवा के चलते हो रही है। जबकि लखनऊ इस मामले में 4,127 मौतों के साथ दूसरे नंबर पर है। कानपुर में जहां औद्योगिक प्रदूषण का स्तर धीमी गति से बढ़ा है वहीं घरेलू ईंधन के चलते होने वाले प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
 
इंडियन इंस्टी्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली और सेंटर फॉर एन्वायरमेंट ऐंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की ओर से वायु प्रदूषण पर देश के 11 शहरों में अध्ययन की आज जारी रिपोर्ट में ये नतीजे निकले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के चलते घरेलू ईंधन से होने वाले प्रदूषण के मामले में काफी सकारात्मक असर पड़ा है पर अभी इसमें और ज्यादा काम की जरुरत है। अध्ययन में उत्तर प्रदेश के आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर शहरों को शामिल किया गया था।  रिपोर्ट को प्रदेश सरकार को सौंपा गया है। प्रति लाख आबादी पर होने वाली मौतों को देखें तो मेरठ और आगरा में यह सबसे ज्यादा है। इन दोनों शहरों में हर साल प्रति लाख 290 लोगों की मौत जहरीली हवा के चलते हो रही है।
कीवर्ड uttar pradesh, IIT,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक