ओला, उबर पर नकेल कसेगी बिहार सरकार

सत्यव्रत मिश्रा | पटना May 24, 2018 09:40 PM IST

बिहार सरकार ने ओला और उबर जैसी ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियों को नियमों के दायरे में लाने का फैसला लिया है। इनके लिए राज्य सरकार अलग से नीति बनाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार हर जिले में मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल भी खोलेगी। राज्य के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज परिवहन विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस बारे में आदेश दिया। इस बैठक में परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला और विभाग के सचिव संजय अग्रवाल भी शामिल थे।  उन्होंने कहा, 'राज्य में ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियां तेजी से अपनी पैठ बनाती जा रही हैं। हालांकि, अभी राज्य में इनके लिए अलग से कोई नियम नहीं हैं। देश के कई राज्यों ने इस बारे में नीति बनाई है। हमने भी इस बाबत काम शुरू करने का फैसला लिया है। इसके लिए इन राज्यों की नीतियों का अध्ययन किया जाएगा। फिर इन टैक्सियों के लिए अलग से एक नीति बनाई जाएगी।' हालांकि, राज्य सरकार ने इस बारे में कोई समय-सीमा तय नहीं की है। इस कवायद से राज्य सरकार को आने वाले वर्षों में कर राजस्व में मोटे इजाफे की उम्मीद है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्ष परिवहन विभाग ने 1,624 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में संग्रहित किए। यह 2016-17 की तुलना में में 30 फीसदी ज्यादा था। 
 
चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार ने इस मद में 2,000 करोड़ रुपये के कर संग्रहण का लक्ष्य रखा है। बिहार में गाडिय़ों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग को इस लक्ष्य को हासिल करने की पूरी उम्मीद है। वहीं, राज्य सरकार को डीलर प्वाइंट निबंधन और रोड टैक्स व नैशनल परमिट के भुगतान के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा देने से कमाई में इजाफे की उम्मीद है। 
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