डीजल महंगा होने से भाड़ा बढ़ाने लगे हैं ट्रांसपोर्टर

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 24, 2018 09:42 PM IST

डीजल और पेट्रोल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी का असर जल्द ही बढ़ी महंगाई के रूप में सामने आएगा। डीजल महंगा होने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़ा बढ़ाना शुरू कर दिया है। डीजल के दामों में वृद्धि का असर कृषि कार्यों पर भी पड़ रहा है। धान की बुआई के लिए प्रति घंटे 100 रुपये से अधिक ट्रैक्टर का किराया चुकाना पड़ रहा है। पिछले 8 महीने में डीजल के दाम में प्रति लीटर 10 रुपये बढ़ोतरी हुई है।  डीजल के दाम बढऩे के बाद माल ढुलाई करने वाले डाला चालकों ने किराया 100 रुपये तक बढ़ा दिया है। वहीं बड़े ट्रांसपोर्टरों ने भी किराये में 8 से 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। राजधानी की थोक गल्ला मंडी पांडेगंज के आढ़तियों का कहना है कि पर्याप्त भंडार होने के कारण अभी खाद्यान्न के दाम नहीं बढ़े हैं, लेकिन डीजल की कीमतें बढ़ती रहीं तो कुछ दिनों में लोगों का घरेलू बजट बिगडऩा तय है। वहीं धान की खेती की लागत और प्लास्टिक उत्पादों के दाम भी बढ़ सकते हैं। ज्यादातर बाहरी आवक दलहन और तिलहन की होती है, लेकिन अभी दाल सहित कई खाद्यान्न का भरपूर भंडार है। 
 
ट्रक ऐंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण अवस्थी के अनुसार अगर एक ट्रक औसतन 3 किलोमीटर प्रति लीटर का औसत देता है तो डीजल के दाम में 1 रुपये की बढ़ोतरी होने पर प्रति 3 किलोमीटर पर एक रुपये का अतिरिक्त शुल्क आता है। इस तरह, 100 किलोमीटर पर 33 रुपये का अंतर आएगा। ऐसे में डीजल के दाम में दस रुपये की बढ़ोतरी होने से 100 किलोमीटर पर प्रति वाहन 330 से 350 रुपये का किराया बढ़ा है। इधर, गोंडा जिले के किसान कर्ण सिंह ने कहा कि समय पर बारिश नहीं होने पर डीजल पंप सेट से सिंचाई महंगी पड़ेगी।
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