इंडियन ऑयल के मुगलसराय और इलाहाबाद टर्मिनल होंगे बंद

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 25, 2018 09:57 PM IST

उत्तर प्रदेश में इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड के मुगलसराय, इलाहाबाद, लखनऊ, आगरा, मथुरा और मेरठ में तेल टर्मिनल है तो वहीं वैतालपुर, गोंडा, झांसी, अनोला, बांथरा और नजीबाबाद में छोटे टर्मिनल या थोक तेल डिपो स्थापित है। आईओसीएल अपने संसाधनों में विस्तार और सुरक्षा के मकसद से मुगलसराय और इलाहाबाद में स्थित तेल टर्मिनल बंद करने जा रहा है और इसी कड़ी में कंपनी मिर्जापुर में लगभग सौ एकड़ भूमि में अपना नया टर्मिनल स्थापित करेगा। वाराणसी के बाबतपुर स्थित इंडेन गैस रिफलिंग संयंत्र में आए कंपनी के कार्यकारी निदेशक (उत्तरी क्षेत्र) हर्ष सचदेवा, कार्यकारी निदेशक (उत्तर प्रदेश) यादवेंद्र श्रीवास्तव और संजय त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि कंपनी वर्ष 2018 को विश्वास के रूप में मना रही है जिसमे कंपनी का पूरा ध्यान मात्रा और सुरक्षा पर केंद्रित है। 
 
कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि मुगलसराय और इलाहाबाद के तेल टर्मिनल काफी पुराने हो चुके हैं और अब यह घनी आबादी के बीच आ गए हैं जिसके चलते इन टर्मिनलो को बंद कर मिर्जापुर में नया और अत्याधुनिक टर्मिनल बनेगा।  अधिकारी द्वय ने बताया कि इंडियन आयल प्रदेश में 13 बाटलिंग संयंत्रों से एलपीजी की आवश्यकता को पूरा कर रहा है। तो वहीं वाराणसी, आगरा, लखनऊ, कानपुर स्थित विमान ईंधन स्टेशनों से नागरिक और रक्षा विमानों को ईंधन आपूर्ति कर रहा है। इन लोगों के अनुसार वर्ष 2017-18 में ओएमसी द्वारा 16,853 टीएमटी पीओएल का कारोबार हुआ जिसमे प्रदेश के बाजारों में 53.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही और इस दौरान राज्य सरकार को लगभग 10 हजार करोड़ का कर अदा किया गया। 
 
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 1261 करोड़ की लागत से कई मूल संसाधनों का विकास किया जा रहा है जिसमे जहां भारत सरकार की उड़ान परियोजना के तहत कंपनी प्रदेश के आगरा समेत तीन अन्य हवाई अड्ïडे (कानपुर, इलाहाबाद, बरेली) में ईंधन भरेगा तो वहीं प्रस्तावित कुशीनगर अंतरराष्टï्रीय हवाई अड्ïडे पर एयरक्राफ्ट रीफिलिंग सुविधा भी प्रदान करेगा।   इन लोगों के अनुसार कंपनी प्रदेश के साथ जल्द ही एक करार करने जा रही है जिसमें कंपनी संपीडि़त जैव मीथेन व जैव सीएनजी का उत्पादन शुरू करेगी। लगभग 16 हजार करोड़ की लागत से कंपनी प्रदेश में 650 सयंत्र स्थापित करेगी और प्रत्येक सयंत्र की लागत 25 करोड़ रुपये होगी। 
 
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बंद पड़ी खाद और यूरिया के फर्टिलाइजर संयंत्रों को कंपनी के एचयूआरएल द्वारा फिर से चालू किया जाएगा। तो वहीं इंडियन आयल प्रदेश सरकार के साथ एक करार कर पेट्रोल में मिश्रण किया जाने वाला ग्रेड इथेनॉल का उत्पादन करने के लिए गोरखपुर में संयंत्र लगाएगी जहां 100 किलोलीटर प्रतिदिन लिग्रो सेल्यूसोलिक इथेनॉल का उत्पादन चावल की भूसी से किया जाएगा। 
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