स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लक्ष्य में कटौती

बीएस संवाददाता | पटना May 25, 2018 10:05 PM IST

बिहार सरकार ने अपनी महत्त्वाकांक्षी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड परियोजना के तहत शिक्षा ऋण के अपने लक्ष्य में 90 प्रतिशत कटौती की है। साथ ही, अब बीएड, आईटीआई और नर्सिंग जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए भी ऋण उपलब्ध नहीं होंगे। इस साल राज्य सरकार ने 50,000 छात्रों को इसके तहत कर्ज देने की योजना तैयार की थी।  राज्य सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 50,000 शिक्षा ऋण वितरण का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष इस मद में 5 लाख छात्र-छात्राओं को 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये का कर्ज देने का फैसला लिया गया था। विभाग के मुताबिक शिक्षा ऋण की मांग देखते हुए यह लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अगर इससे ज्यादा आवेदन आते हैं, तो लक्ष्य से ज्यादा भी कर्ज दिए जा सकते हैं।
 
पिछले 2 साल में बिहार में महज 13,000 स्टूडेट क्रेडिट कार्ड के आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से आधे आवेदकों को ही वास्तव में कर्ज मिला है। राज्य सरकार ने इसके लिए बैंकों की बेरुखी को जिम्मेदार ठहराया है। इसके मद्दनेजर राज्य सरकार ने बिहार शिक्षा वित्त निगम की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड आवंटित करना था।  हालांकि, अब तक निगम पूरी तरह कार्य शुरू नहीं कर पाया है। अधिकारियों के मुताबिक जुलाई के अंत तक निगम पूरी तरह से काम करने लगेगा। हालांकि, इस दौरान कर्ज भी स्वीकृत नहीं हो सकेंगे। इस बीच शिक्षा ऋण के लिए बैंकों पर आश्रित रहना पड़ेगा। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक छात्रों को अपना कर्ज निगम में स्थांतरित करने की सुविधा भी मिलेगी। 
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