बुनियादी परियोजनाओं के सामने सीमेंट, रेत की चुनौती

सुशील मिश्र | मुंबई May 27, 2018 10:16 PM IST

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रफ्तार तेज होने के साथ ही सीमेंट और बालू की मांग तेजी से बढ़ रही है। सीमेंट की मांग तो जैसे-तैसे पूरी हो रही है, लेकिन रेत की आपूर्ति मांग के हिसाब से नहीं हो पा रही है। इससे राज्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाएं समय पर पूरी करना प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई है। मुंबई में आयोजित कंक्रीट शो में इस बात पर जोर दिया गया कि रेत की कमी उद्योग जगत के लिए चिंता की सबसे बड़ी वजह है। 

राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने वित्त वर्ष 2019 तक 9,000 किलोमीटर राजमार्ग निर्माण का वादा किया है। माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष सीमेंट की मांग में भारी इजाफा होगा। यूबीएम इंडिया द्वारा आयोजित 'कंक्रीट शो' में उद्योग जगत की 150 से ज्यादा शीर्ष भारतीय एवं वैश्विक निर्माण एवं अधोसंरचना कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सीमेंट और रेत की मौजूदा मांग एवं आपूर्ति की स्थिति और कीमतों को लेकर अपनी चिंता जताई। 

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक एस गुप्ता कहते हैं, 'फिलहाल दो शहरों को जोडऩे वाले राजमार्गों की जगह दो शहरों को जोडऩे वाली मेट्रो रेल की अधिक जरुरत है, इससे समय और पैसा दोनों बचेगा। हालांकि इसमें सीमेंट और रेत की कमी आड़े आ रही है।'  

2022 तक सभी के लिए आवास का लक्ष्य देश में सीमेंट की मांग बढ़ाएगा। आवासीय खंड से बुनियादी क्षेत्र को बल मिलेगा। सीमेंट की कुल मांग में बुनियादी क्षेत्र की हिस्सदेारी 65 फीसदी तक होती है।

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