बिहार में 2,000 अस्पतालों को नोटिस, मेडिकल कचरे पर सख्ती

बीएस संवाददाता | पटना May 28, 2018 10:06 PM IST

बिहार सरकार ने प्रदूषण नियमों की अवहेलना करने पर राज्य के 2,000 से ज्यादा निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। इन अस्पतालों पर बायो-मेडिकल कचरे के समुचित निष्पादन की व्यवस्था नहीं करने का आरोप है। साथ ही, राज्य सरकार ने मोबाइल फोन कंपनियों से इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निपटान की व्यवस्था करने को कहा है। 

राज्य के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के अनुसार राज्य स्वास्थ्य विभाग अहम अस्पतालों में मेडिकल कचरे की निष्पादन की व्यवस्था करेगा। उन्होंने कहा, 'आज बिहार में  नए-नए अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का दिनोदिन विस्तार हो रहा है। इस वजह से राज्य में बायो-मेडिकल कचरे के निष्पादन की जरूरत भी बढ़ रही है।' राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिहार में 24,303 अस्पतालों का सर्वेक्षण किया था। इसके बाद मेडिकल कचरे के निष्पादन में विफल रहने वाले 2,038 अस्पतालों को बोर्ड की ओर से नोटिस जारी किया गया है। अगर इन्हें तय समय-सीमा में निष्पादन की व्यवस्था नहीं की, राज्य सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।' 


सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में इस वक्त रोजाना 30 टन से ज्यादा मेडिकल कचरा निकलता है। वहीं, राज्य में हर रोज महज 8 टन मेडिकल कचरे के निष्पादन की ही व्यवस्था है। मोदी ने कहा कि उन्होंने  निजी अस्पतालों को मेडिकल कचरा खुले में या नदियों में नहीं डालने की सख्त हिदायत  दी है। राज्य सरकार ने मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों को भी इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निष्पादन की व्यवस्था करने को कहा है।
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