कीटनाशकों से मचा आतंक

सुशील मिश्र | मुंबई May 28, 2018 10:07 PM IST

कीटनाशक दवाएं महाराष्ट्र के किसानों का पीछा नहीं छोड़ रही हैं। खबरों के मुताबिक जांच में यह बात सामने आई है कि राज्य में लाल मिर्च में जरूरत से अधिक कीटनाशकों का इस्तेमाल हुआ है। इससे राज्य से सब्जियों का निर्यात प्रभावित हो सकता है। मामले की गंभीरता देखते हुए महाराष्ट्र के कृषि मंत्रालय ने किसानों से फलों और सब्जियों पर जरूरत से ज्यादा कीटनाशकों और हार्मोन्स का इस्तेमाल न करने की सलाह दी  है। 

पिछले साल कीटनाशकों के इस्तेमाल से करीब 60 किसानों की मौत हुई थी और फसल को भी नुकसान पहुंचा था। सब्जियों के निर्यात में महाराष्ट्र देश का प्रमुख राज्य है। पिछले कुछ वर्षों से राज्य में कीटनाशकों के इस्तेमाल से फसलों को भारी नुकसान होने की खबरें आती रही हैं। इसीलिए इस बार खरीफ का मौसम शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने कीटनाशकों की रोक और उनके इस्तेमाल की जानकारी के लिए कार्यबल का गठन किया है। निर्यात पर भी कीटनाशकों का प्रभाव दिखने लगा है। 


कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कोल्हापुर जिले के शिरोल तालुका के जंबली गांव से हरी मिर्च का निर्यात किया जाता है। अभी हाल में निर्यात की जाने वाली हरी मिर्च के नमूनों की जांच करने पर उनमें फेंप्रोपथीन नामक कीटनाशक की अधिक मात्रा पाई गई है।

फुंडकर ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे फलों तथा सब्जियों पर ऑक्सिटोसिन जैसे हार्मोन्स तथा मोनोक्रोटोफोस जैसे कीटनाशक का अनावश्यक इस्तेमाल न करें। इसका अधिक उपयोग मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे कैंसर रोग होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। 
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