दाल किसानों को राहत नहीं

बीएस संवाददाता | पटना May 29, 2018 09:37 PM IST

केंद्र सरकार ने दाल की गिरती कीमतों के मद्देनजर किसानों की समस्याएं दूर करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। हालांकि, सरकार ने तुरंत किसी तरह की राहत देने से इनकार किया है। दूसरी तरफ, 2019 में आम चुनाव के मद्देनजर सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून के लाभार्थियों के लिए अनाज की कीमतों में अगले एक साल तक बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर केंद्रीय खाद्य आपूर्ति व उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने आज यहां इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा, 'दाल की कीमत बढ़ जाए, तो परेशानी। कम हो जाए तो परेशानी। बिहार विधानसभा चुनाव में यह एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरा था। हम लोगों ने 20 लाख टन का बफर स्टॉक तैयार किया। अब जमाखोरी कम हुई तो दाम घटना शुरू हो गया। दाल की इस बार बंपर फसल हुई है। हमने धान और गेहूं की तर्ज पर दाल की न्यूनतम कीमत भी तय की है। दाल की कीमत हमारे लिए चिंता का विषय जरूर है। हमने इस पर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है।' 

हालांकि, उन्होंने किसानों को तत्काल कोई राहत देने से इनकार किया। दाल के आयात पर शुल्क बढ़ाने से जुड़े एक सवाल पर मंत्री ने कहा, 'विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के मुताबिक हम किसी वस्तु के आयात पर रोक नहीं लगा सकते हैं। हम बस शुल्क कम या अधिक कर सकते हैं। इस पर तुरंत कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है।' केंद्र सरकार ने हाल में मोजांबिक से दाल आयात करने का निर्णय लिया था। इससे दाल की कीमतों में और गिरावट आ गई है। सोमवार को राज्य के मोकामा इलाके में दाल किसानों ने धरना प्रदर्शन किया था। 
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