किसानों के गुस्से और विपक्षी एकजुटता से भाजपा की हार

बीएस संवाददाता | लखनऊ May 31, 2018 09:57 PM IST

अरसे बाद उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में गन्ना किसानों का मुद्दा हावी रहा। पश्चिम उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट कहे जाने वाले कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में बकाया भुगतान को लेकर किसानों की एकजुटता के साथ साथ विपक्षी एकता ने भी सत्ताधारी भाजपा का समीकरण बिगाड़ दिया। इसी के साथ सहानुभूति लहर के सहारे लड़े गए पड़ोसी विधानसभा सीट बिजनौर के नूरपुर में विपक्ष ने भाजपा को मात दे दी।  उपचुनावों के ऐलान के साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में लगी जिन्ना की तस्वीर को लेकर छिड़ा विवाद भी भाजपा के काम न आया। नतीजों के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं से लेकर समूचे विपक्ष ने एक स्वर से कहा कि जिन्ना पर गन्ना भारी पड़ा।
 
प्रदेश में कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनावों में विपक्षी गठबंधन की प्रत्याशी तब्बसुम हसन ने भाजपा की मृगांका सिंह पर 55,000 वोटों से जबकि नूरपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के नईमुल हसन ने भाजपा की अवनि सिंह को 5678 मतों से हराया। सूबे में कमजोर मानी जाने वाली कांग्रेस ने कैराना या नूरपुर में कोई प्रत्याशी न खड़ाकर गठबंधन का समर्थन किया था। आज नतीजों के तुरंत बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि किसान-गरीबी के सवाल पर वोटिंग हुई। किसान के सवाल पर सरकार ने धोखा दिया है। अखिलेश ने इस जीत के लिए किसानों को धन्यवाद दिया।
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