एनटीपीसी का पहला अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल सीपत में

आर कृष्ण दास | रायपुर Jun 01, 2018 10:25 PM IST

छत्तीसगढ़ में एनटीपीसी के सीपत स्टेशन में भारत का पहला एंडवांस्ड अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल (एयूएससी) विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा। केंद्र की बेहद महत्त्वाकांक्षी योजनाओं में से एक इस कोयला-संचालित परियोजना की क्षमता 800 मेगावॉट होगी। इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (आईजीसीएआर) ने इसके लिए प्रौद्योगिकी विकसित की है जबकि विद्युत उपकरण निर्माता बीएचईएल इसके बॉयलर और अन्य उपकरणों का निर्माण करेगी। इन उपकरणों का एनटीपीसी द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा। 

लगभग दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 1,554 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ ताप विद्युत संयंत्रों के लिए एयूएससी टेक्नोलॉजी के शोध एवं विकास (आरऐंडडी) का प्रस्ताव मंजूर किया था। केंद्र ने 900 करोड़ रुपये के एकमुश्त बजटीय समर्थन की घोषणा की थी। 

एनटीपीसी सीपत में समूह महा प्रबंधक (जीजीएम) असीम कुमार सामंत ने कहा, 'एयूएससी प्रौद्योगिकी के साथ संयंत्र की स्थापना के लिए प्रक्रिया की शुरुआत जियो-थर्मल सर्वे के साथ हो गई है।' उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पांच साल में पूरा हो जाने की संभावना है। एनटीपीसी का 2980 मेगावॉट क्षमता वाला सीपत सुपर थर्मल विद्युत संयंत्र छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित है और यह कई मायने में बेहद खास है। यह एनटीपीसी का ऐसा पहला स्टेशन रहा है जहां सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी को शुरू किया गया और 765 किलोवोल्ट स्विच यार्ड एनटीपीसी के साथ साथ देश के इतिहास में पहली बार स्थापित किया गया। 

सामंत ने कहा कि एयूएससी प्रौद्योगिकी के साथ तैयार होने वाला यह संयंत्र मौजूदा ताप संयंत्रों की तुलना में 5 प्रतिशत ज्यादा किफायती और सक्षम होगा और इससे कोयले में 12 प्रतिशत की बचत करने में मदद मिलेगी। इससे कार्बन डाईऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन में कमी आएगी। 
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