औद्योगिक इकाइयों की बिजली से जुड़ी समस्याएं होंगी दूर

बीएस संवाददाता | लखनऊ Jun 01, 2018 10:28 PM IST

उत्तर प्रदेश में उद्यमियों और निवेशकों की बिजली से संबंधित दिक्कतें दूर  करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए हैं। औद्योगिक इकाइयों को जहां अलग फीडर से बिजली दी जा रही है वहीं नए निवेशकों के लिए बिजली वितरण कंपनियों को अलग प्रकोष्ठ बनाने के लिए कहा गया है। औद्योगिक उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए उद्योगों को रोस्टरिंग से अलग रखने को कहा गया है। जिन औद्योगिक इकाइयों को अलग फीडर से नही जोड़ा गया है, उन्हें जल्दी ही घरेलू लाइन से अलग किया जाएगा। 

प्रमुख सचिव ऊर्जा और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार के मुताबिक सभी डिस्कॉम एवं केस्को के प्रबन्ध निदेशकों को अपने कैम्प कार्यालय में एक प्रकोष्ठ की स्थापना करने के लिए कहा गया है। साथ ही निवेशकों से संबंधित सभी समस्याओं की सूचना और अनुश्रवण के लिए पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता वाणिज्य को जिम्मेदार बनाया गया है। 

प्रमुख सचिव ने बताया कि निवेशकों द्वारा ऊर्जा विभाग से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के निदान का मुद्दा उठाया जाता रहा है। इसका निस्तारण वर्तमान में कुछ मामलों में समय से नहीं हो पा रहा है। साथ ही समस्याओं का अनुश्रवण डिस्कॉम स्तर पर समयबद्ध नहीं किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि उद्योगों की बिजली संबंधी शिकायतों के निस्तारण के काम को तेज किया जा रहा है। इसमें सुधार लाने के लिए औद्योगिक इकाइयों और निवेशकों से संबंधित सभी समस्याओं की सूचना और उनका अनुश्रवण मुख्य अभियंता, वाणिज्य, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन करेंगे। 

हाल में संपन्न हुए निवेशक सम्मेलन के दौरान नए उद्यम लगाने के संबंध में आए प्रस्तावों के तहत नई इकाइयों को बिजली कनेक्शन व संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि देने के लिए पावर कॉरपोरेशन तय समय-सीमा के भीतर काम करेगा। 
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