रमजान से चिकन कपड़े का कारोबार चमका

बीएस संवाददाता | लखनऊ Jun 04, 2018 09:47 PM IST

जीएसटी और नोटबंदी की मार से बदहाल लखनऊ के चिकन कपड़ों के कारोबार के लिए रमजान का महीना राहत भरा साबित हुआ है। ईद पर खरीदारी सहित विदेश से मिल रहे ऑर्डर से चिकनकारी के कारोबारियों के चेहरों पर खुशी देखते बन रही है। गर्मी के मौसम में ईद पर हो रही जमकर खरीदारी में चिकन के कपड़ों की हिस्सेदारी खासी बढ़ी है। चिकन कारोबारियों का कहना है कि एक साल के बाद यह पहला मौका है जब उन्हें मोटे ऑर्डर मिल रहे हैं। इन कारोबारियों को खाड़ी देशों से भी ऑर्डर मिले हैं। 
 
लखनऊ में चिकनकारी के थोक बाजार गोल दरवाजे चौक के कारोबारी अजय खन्ना ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद कारोबार मंद पड़ गया था, लेकिन ईद पर कारोबार की स्थिति सुधरी है। उनका कहना है कि वैसे भी गर्मी का मौसम चिकन के कपड़ों के लिए मुफीद रहता है और ईद की आमद से कारोबारियों को विशेष तौर पर राहत मिली है। खन्ना ने कहा, 'इस बार ईद में न केवल काफी पुराना स्टॉक निकल गया है, बल्कि नए माल की भी मांग बढ़ गई है।' खन्ना के अनुसार पिछले कुछ सालों से लखनऊ और आसपास पाकिस्तानी दुपट्टïों की मांग देखते हुए इस बार चिकन व्यावसायियों ने उसी तर्ज पर लेडीज सूट के साथ दुपट्टïे तैयार कराए हैं। इसके साथ ही खास कराची स्टाइल सी सलवार और महिलाओं की खास पसंद प्लाजो भी चिकन सूट के साथ दिए जा रहे हैं। 
 
लखनऊ चिकन के लवकुश शुक्ला ने कहा कि ईद के कारण चिकन के आधी बांह के फुल व हाफ कुर्तों (अद्धी) की डिमांड बढ़ी है। मुंबई के कारोबारी तो बड़ी तादाद में अद्धी की मांग कर रहे हैं। खन्ना ने कहा कि पिछले साल जुलाई में केंद्र सरकार ने चिकन के कपड़ों पर 5 से 12 प्रतिशत तक जीएसटी लगाया था, जिससे गरीब कारीगरों सहित बड़े कारोबारियों तक को नुकसान उठाना पड़ा था।  पहले चिकन परिधान कर मुक्त था, लेकिन केंद्र सरकार ने अब इस पर कर लगा दिया है। कारोबारियों का कहना है कि चिकन के कारीगर ज्यादातर गरीब तबके से आते हैं, लिहाजा उनके जॉब वर्क पर 5 प्रतिशत जीएसटी उन्हें ही चुकाना पड़ रहा है। कारोबारियों के अनुसार इससे कीमतें बढ़ गई हैं। 
 
जीएसटी के विरोध में पिछले साल जुलाई में लखनऊ के पुराने इलाकों और आसपास के कस्बों में चिकन के कारखानों में तीन दिन की तालाबंदी रही थी। अवध के इस सबसे पुराने हस्तशिल्प के कारोबारियों के मुताबिक 60 सालों में ऐसा पहली बार हुआ था जब चिकन की दुकानें और कारखाने तीन दिनों तक बंद रहे थे।
कीवर्ड luckonw, chiken, cloths,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक