छत्तीसगढ़ के राज्यपाल नहीं लेंगे बढ़ा हुआ वेतन

बीएस संवाददाता | रायपुर Jun 06, 2018 09:58 PM IST

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन ने बढ़ा हुआ वेतन स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। 2018-19  के  बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की थी। नए वेतन ढांचे के तहत राज्य के राज्यपालों का वेतन संशोधित कर प्रतिमाह 1,10,000 रुपये से 3,50,000 रुपये किया गया है।  हाल ही में केंद्र सरकार ने राज्यपालों की यात्रा, आतिथ्य, मनोरंजन तथा फर्निशिंग के भत्ते के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। भत्तों में चार साल बाद संशोधन किया गया है। छत्तीसगढ़ राजभवन के प्रवक्ता ने कहा, 'राज्यपाल ने संशोधित वेतन और बकाया स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।' पिछले महीने टंडन ने छत्तीसगढ़ के महालेखाकार को पत्र लिखकर पुराना वेतनमान को ही स्वीकार करने की इच्छा जताई थी। 
 
प्रवक्ता ने कहा कि महालेखाकार ने अपनी सहमति दे दी थी और छत्तीसगढ़ के निवर्तमान राज्यपाल पुराने वेतनमान को ले सकते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल द्वारा बढ़ा हुआ वेतन नहीं लेने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं दिया गया है। 91 वर्षीय बलरामजी दास टंडन को जुलाई 2014 में छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने 1953 में अमृतसर नगर निगम के कॉरपोरेटर के तौर पर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। इसके बाद वह चार बार पंजाब विधानसभा के सदस्य रहे। वह पंजाब सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और उद्योग, स्वास्थ्य, श्रम एवं रोजगार जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाल चुके हैं।
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