उप्र में ही रहेगा पतंजलि फूड पार्क

बीएस संवाददाता | लखनऊ Jun 06, 2018 09:59 PM IST

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित अपना फूड पार्क किसी दूसरे राज्य में नहीं लेकर जाएगी। पतंजलि फूड पार्क के लिए आवंटित जमीन के संबंध में शर्तें आसान करने के लिए योगी सरकार अगले सप्ताह मंत्रिपरिषद की बैठक में संशोधन प्रस्ताव लाएगी। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित फूड पार्क के किसी अन्य राज्य में ले जाए जाने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा रामदेव से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव को आश्वासन दिया हैं कि वह फूड पार्क प्रदेश से बाहर नहीं ले जाने देंगे।
 
इस बारे में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव से बात की है। उन्होंने कहा, 'यमुना एक्सप्रेसवे अथारिटी की ओर से आवंटित भूमि पतंजलि आयुर्वेद के नाम पर थी, लेकिन बाद में बाबा रामदेव इसे पतंजलि फूड्स के नाम पर आवंटित करना चाहते थे। योगी सरकार पतंजलि की भूमि आवंटन की शर्तों में संशोधन करेगी। अगले सप्ताह होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में संशोधन प्रस्ताव पेश होगा। योगी ने रामदेव से बात करने के बाद मुख्य सचिव को इस मामले का जल्द हल निकालने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव संबंधित विभागों की राय ले रहे हैं।
 
पतंजलि समूह प्रस्तावित फूड पार्क में 91 एकड़ सब लीज चाहता है। इसके लिए कंपनी ने 455 एकड़ में 91 एकड़ की सबलीज मांगी हैं। सब लीज का मतलब अन्य कंपनी को भूमि स्थानांतरण करने से हैं। पतंजलि को 25 प्रतिशत छूट पर 455 एकड़ जमीन मिल चुकी है।  औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भूमि आवंटन नियम बदलने का हक सिर्फ मंत्रिमंडल को है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में न्याय विभाग से भी राय मांगी गई है। अगर पतंजलि को यह रियायत मिल जाती है तो अन्य उद्यमी भी इसी आधार पर रियायत मांगेंगे। इस परियोजना की लागत 1666.80 करोड़ रुपये थी। अखिलेश यादव सरकार में नवंबर 2016 को पतंजलि आयुर्वेद को 455 एकड़ भूमि आवंटित हुई थी। बाबा रामदेव के मुताबिक इस फूड पार्क से 8,000 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार और 80 हजार लोगों को परोक्ष रोजगार मिलेगा।
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