पिछड़े जिलों में बनेंगे औद्योगिक पार्क

बीएस संवाददाता | पटना Jun 07, 2018 10:01 PM IST

बिहार सरकार ने अब पिछड़े जिलों में अधिक से अधिक औद्योगिक पार्क लगाने का फैसला लिया है। इसके तहत राज्य सरकार ने अति पिछड़े जिलों की पहचान कर ली है। इन जिलों में औद्योगिक पार्क के साथ-साथ राज्य सरकार ग्रामोद्योग को भी बढ़ावा देगी।  राज्य सरकार ने आने वाले दो वर्षों में राज्य में कम से कम 50 औद्योगिक पार्क स्थापित करने का फैसला है। इसके तहत उद्योग विभाग ने सभी जिला प्रशासनों को हर जिले में कम से कम 25 एकड़ का एक लैंड बैंक बनाने को कहा है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इसके तहत प्राथमिकता सरकारी जमीन को दी जाएगी। हालांकि, अगर जमीन न मिली तो बिहार औद्योगिक भूमि विकास प्राधिकार (बियाडा) को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए बियाडा सीधे किसानों से जमीन खरीद सकेगा। इसमें भी सरकार ने सबसे ज्यादा जोर पिछड़े जिलों के विकास पर देने को कहा है। इस बारे में जल्द से जल्द काम शुरू होगा।' 
 
बियाडा प्रबंध निदेशक आर एस श्रीवास्तव के मुताबिक बियाडा कानून में बदलाव को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। इस बदलाव की वजह से अब प्राधिकार सीधे किसानों से जमीन खरीद सकता है, इसलिए अब राज्य में औद्योगिक जमीन की किल्लत नहीं रहेगी।  उन्होंने कहा, 'शुरुआत में हमने सभी जिलों में एक-एक औद्योगिक पार्क स्थापित करने की योजना बनाई है। इसमें भी प्राथमिकता पिछड़े जिलों की दी जाएगी। ऐसे जिले जहां औद्योगीकरण नहीं हुआ है या काफी कम हुआ है, वहां हम औद्योगिक पार्क लगाने को प्राथमिकता देंगे। साथ ही, इन इलाकों में निवेशकों को जमीन भी प्राथमिकता के आधार पर मिलेगी।' इसके तहत राज्य सरकार ने शिवहर, नवादा, जमुई, बांका, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, दरभंगा, समस्तीपुर आदि जिलों में पहले औद्योगिक पार्क लगाने का फैसला लिया है।  वहीं, राज्य सरकार ने अब जिला मुख्यालयों में भी खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। 
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