झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे

बीएस संवाददाता | लखनऊ Jun 10, 2018 09:45 PM IST

मॉनसून से पहले हुई जोरदार बारिश से उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। जून के पहले व दूसरे सप्ताह की झमाझम बारिश के बाद प्रदेश के ज्यादातर जिलों में किसानों ने धान के पौधे लगाने शुरू कर दिए हैं। धान की अगैती फसल लेने वाले किसानों ने जहां रोपाई से पहले की तैयार शुरू कर दी है, वहीं पिछैती फसल लेने वाले किसान भी खेत तैयार करने में जुट गए हैं। मौसम विभाग ने इस साल पहले से ही अच्छी बारिश का अनुमान जताया है। इस साल जुलाई के महीने में सामान्य से ज्यादा 101 फ ीसदी बारिश का अनुमान है, वहीं पूरे मॉनसून में सामान्य से 99 फीसदी बारिश होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। कृषि विभाग का कहना है कि पिछले साल की तरह इस बार जुलाई और अगस्त के शुरुआत में होने वाली बारिश के चलते धान की अगैती व पिछैती दोनों फसलें बढिय़ा होंगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून अपने निर्धारित समय 15 जून के आस-पास ही आ जाएगा।
 
कृषि वैज्ञानिक सुशील कुमार सिंह का कहना है कि जून में अब तक दो बार हुई जोरदार बारिश के चलते किसानों को खेतों को बुआई लायक तैयार करने का मौका मिल गया है, जिससे धान की अगैती प्रजाति की बुआई नहीं पिछड़ेगी। उत्तर प्रदेश में धान का कटोरा कहे जाने वाले लखीमपुर, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, हरदोई, शाहजहांपुर और बहराइच में जहां धान की अगैती फसल बोई जाती है। पूर्वी इलाकों में पछैती फसल की बुआई की जाती है। पिछले साल मॉनसून की अच्छी शुरुआत के बाद इसके कमजोर पडऩे के कारण बाद के महीनों में खास कर धान पकने के समय सितंबर में पानी न बरसने से किसानों को खासा नुकसान हुआ था। प्रदेश सरकार को कई जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ा था। सितंबर में लौटते मॉनसून में बारिश न होने का असर रबी की फसलों पर भी पड़ा था। 
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