शराबबंदी कानून में 'तार्किक बदलाव'!

बीएस संवाददाता | पटना Jun 11, 2018 09:43 PM IST

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी कानून में 'तार्किक बदलाव' लाने की बात कही है। इस पर विचार के लिए राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में उच्चाधिकारियों की एक समिति भी बनाई गई है।  पटना में सोमवार 'लोक संवाद' कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, 'हमारा लक्ष्य राज्य में पूर्ण नशाबंदी का है। शराबबंदी इस बारे में एक अहम कदम है, इसलिए इसे खत्म नहीं किया जा सकता है। इससे लोगों की जीवन में खुशियां आई हैं। हालांकि, जो जानकारी हमें मिली है या लोगों से बात हुई है, उस आधार पर मैं कह सकता हूं कि इस कानून में बदलाव की जरूरत है। किसी भी कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। इस बारे में हम सजा के प्रावधानों में बदलाव करने पर सोच सकते हैं। इस बारे में विस्तार से गहन अध्ययन और कानूनी राय लेने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक अधिकारियों की एक समिति बनाई है। हम हमेशा कहते रहे हैं कि इस कानून में संशोधन का रास्ता हमेशा से खुला हुआ रहेगा।' राज्य सरकार ने खैनी पर तत्काल प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया।  
 
मुख्यमंत्री ने राजग में किसी भी विवाद की बात से भी साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, 'यह विवाद मीडिया ने पैदा किया है। राजग में कोई विवाद नहीं है और न ही सीटों के बंटवारे को लेकर जद (यू) में कोई विवाद है। हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। चुनाव की बातें पर चुनाव के वक्त विचार किया जाएगा।' पिछले एक महीने से भाजपा और जद (यू) के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर काफी विवाद था। जद (यू) कम से कम 25 सीटों पर अपनी दावेदारी ठोंक रही था, जबकि भाजपा के अन्य सहयोगी दल भी 12 सीटों की मांग कर रहे थे। 
 
नीतीश ने केंद्र की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से राज्य को अलग करने पर अपनी सफाई भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र की योजना को नकारा नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों को देखते हुए अपनी योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने कुछ दिनों पहले राज्य में फसल सहायता योजना लागू की थी, जिसमें किसानों को 20,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। 
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